Likhe Jo Khat Tujhe Lyrics In Hindi | लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में

 

Likhe Jo Khat Tujhe Lyrics In Hindi | लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में

 

Likhe Jo Khat Tujhe Lyrics In Hindi |  लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में
Likhe Jo Khat Tujhe Lyrics In Hindi | लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में

 

 

इश्क़ की हसीन यादें ज़िंदगी का वो सरमाया होतीं हैं, जब दुनिया अजनबी मालूम होती है। उस वक़्त महबूब इन यादों की पनाह में ख़ुद को महफूज़ पाता है। महबूब को ख़त लिखकर अपने दिल के भावों को लफ़्ज़ों में उतारना भी इश्क़ ही है। महबूब एक दिन ना दिखे तो सच्चे प्यार में आंखे तरस जाती हैं। महबूब कहीं चले जाए तो उसकी याद में दुनिया अजनबी लगती है। ऐसे में ख़त लिखकर महबूब के क़रीब आया जा सकता है।

ख़त एक तरह से इश्क़ के बेशक़ीमती लम्हों को दोबारा से जीने की चाहत होती है। सच्चा महबूब प्रेम में बेहतरीन ख़त लिखकर अज़ीज़ को यह बताता है कि तुम हमेशा मेरे कितने क़रीब हो। ख़त को समोया हुए एक गाना है जो अक्सर मुझे माज़ी (भूतकाल) से फौरन जोड़ देता है। यह गीत मुझे प्रिय है। 1968 में रिलीज़ कन्यादान फ़िल्म का गाना, ‘लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में…’ मुझे अज़ीज़ है।

शशि कपूर और आशा पारेख पर फ़िल्माया गया यह बेहद प्यारा नग़मा गीतकार गोपालदास नीरज की क़लम से निकला है।  मोहम्मद रफ़ी ने इसे दिलकश आवाज़ दी है। वहीं, संगीतकार शंकर-जयकिशन ने अपने संगीत से इस गीत के बोलों को अमर कर दिया है।

 

Likhe Jo Khat Tujhe Lyrics In Hindi | लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में

 

लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में
हज़ारों रंग के, नज़ारे बन गए
सवेरा जब हुआ, तो फूल बन गए
जो रात आई तो, सितारे बन गए

कोई नगमा कहीं गूँजा, कहा दिल ने ये तू आई
कहीं चटकी कली कोई, मैं ये समझा तू शरमाई
कोई खुश्बू कहीं बिख़री, लगा ये ज़ुल्फ़ लहराई
लिखे जो खत तुझे…

फ़िज़ा रंगीं अदा रंगीं, ये इठलाना, ये शरमाना
ये अंगड़ाई, ये तन्हाई, ये तरसा कर चले जाना
बना देगा नहीं किसको, जवां जादू ये दीवाना
लिखे जो खत तुझे…

जहाँ तू है, वहाँ मैं हूँ, मेरे दिल की तू धड़कन है
मुसाफ़िर मैं, तू मंज़िल है, मैं प्यासा हूँ, तू सावन है
मेरी दुनिया, ये नज़रें हैं, मेरी जन्नत ये दामन में
लिखे जो खत तुझे…

 

Likhe Jo Khat Tujhe Lyrics (English)

 

Likhe jo khat tujhe wo teri yaad mein
Hazaaro rang ke nazaare ban gaye
Saveraa jab hua to phool ban gaye
Jo raat aayi to sitaare ban gaye
Likhe jo khat tujhe

Koi naghma kahi gunjaa, kaha dil ne ye tu aai
Kahi chatki kali koi, main ye samajha tu sharamai
Koi khushboo kahi bikhari, laga ye zulf laharaai

Likhe jo khat tujhe wo teri yaad mein
Hazaaro rang ke nazaare ban gaye
Saveraa jab hua to phool ban gaye
Jo raat aayi to sitaare ban gaye
Likhe jo khat tujhe

Fizaa rangi, adaa rangi, ye ithalana, ye sharmana
Ye angdaai, ye tanhai, ye tarsa kar chale jaanaa
Banaa de na kahi mujhko jawaan jadoo ye diwana

Likhe jo khat tujhe wo teri yaad mein
Hazaaro rang ke nazaare ban gaye
Saveraa jab hua to phool ban gaye
Jo raat aayi to sitaare ban gaye
Likhe jo khat tujhe

Jahaan tu hai, wahaan main hoon mere dil ki tu dhadkan hai
Musaafir main tu manzil hai, main pyaasa hoon tu saawan hai
Meri duniya ye nazrein hai, meri jannat ye daaman hai

Likhe jo khat tujhe wo teri yaad mein
Hazaaro rang ke nazaare ban gaye
Saveraa jab hua to phool ban gaye
Jo raat aayi to sitaare ban gaye
Likhe jo khat tujhe

credit  by :- Saregama Music 

 

दोस्तों, यदि इस पोस्ट में आपका अपना कोई विचार या सुझाव है, या कोई सुझाव, कोई बदलाव या कोई गलती है, तो कृपया हमें बताएं। इसके लिए आपकी कमेन्ट महत्वपूर्ण हैं, आपकी प्रतिक्रिया हमें नए विषय लिखने के लिए प्रोत्साहित करती है।

धन्यवाद । 

हमारी अन्य पोस्ट 

 

 

Leave a Comment